ईसाई पादरी ने कहा ईसाई मिशनरियों ने स्कूल बनाया, लड़कियों के लिए कॉन्वेंट स्कूल खोला. पूरे भारत को इंग्लिश मीडियम में पढ़ना लिखना सिखाया !

 ईसाई पादरी ने कहा ईसाई मिशनरियों ने स्कूल बनाया, लड़कियों के लिए कॉन्वेंट स्कूल खोला. पूरे भारत को इंग्लिश मीडियम में पढ़ना लिखना सिखाया !



मैंने कहा पूरे भारत को नही, केवल ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य के बच्चों को पढ़ना लिखना सिखाया. तुमने शहरों में स्कूल बनवाया, इस उद्देश्य से पढ़ाया की कल को ब्राह्मण ईसाई बनकर पूरे भारत को ईसाई बनाएंगे !


ग्रामीण इलाकों में मिशनरी स्कूल बनाकर गरीब किसान मजदूर के बच्चों को पढ़ाते तो तुम्हारा गॉड भी खुश होता. और पादरी साहब कॉन्वेंट स्कूल की बात मत करो, मुझे कॉन्वेंट शब्द से ही नफरत है !


पादरी ने कहा क्यों क्या हुआ. कॉन्वेंट शब्द तो ब्रैंड नेम है, जिस स्कूल के नाम में कॉन्वेंट शब्द जुड़ा होता है उस स्कूल की बहुत बड़ी प्रतिष्ठा होती है. मैंने कहा अगर कॉन्वेंट का इतिहास खोद कर पूरे समाज के सामने रख दूंगा तो कोई माँ बाप अपनी बेटी को कॉन्वेंट स्कूल में नही पढ़ाएगा !


पादरी ने कहा तुम झूठ बोलते हो, हमारे महान धर्म की संस्कृति को बदनाम कर रहे हो. अब मुझसे रहा नही गया, मैंने फावड़ा उठाया और लगा इतिहास को खोदने. खोदते खोदते 19वीं सदी तक पहुंच गया !


पादरी ने कहा, बस करो क्रांति कुमार इससे ज्यादा इतिहास मत खोदो. नही तो ईसाई धर्म बदनाम हो जाएगा. मैंने कहा अब मत रोको मुझे इतिहास खोदने दो, मैं चलाने लगा अपना फावड़ा. बिशप कैथेड्रल पोप हर किसी ने आकर बिनती की दफन हो चुके इतिहास की खुदाई मत करो क्रांति भाई !


लेकिन मैं कहां मानने वाला था, खुदाई करते रहा. ईसाई धर्म के चार बंदर मार्क लुक मैथ्यू जॉन ने भी आकर रोका, कहा क्रांति कुमार इतिहास को मत खोदो, रहम करो रहम करो. जीसस क्राइस्ट ने मुझसे बिनती की, कहा जो अन्याय अत्याचार शोषण बीत चुका है उसे दुबारा कुरेदना ठीक नही !


मैंने अपने दोनों हाथ जोड़कर जवाब दिया, कॉन्वेंट में आज भी बलात्कार जारी है. 2015 में केरल के बड़े बिशप पर कॉन्वेंट आश्रम में नन से बलात्कार करने का आरोप लगा !


कॉन्वेंट शब्द का अर्थ.


लैटिन शब्द कांवेंट्स से कॉन्वेनियो शब्द बना, जिसका अर्थ है साथ में मिलकर ईश्वर के लिए समर्पित होना. और दूसरा अर्थ है वह आश्रम जहां कुंवारी नन रहती हैं !


ईसाई मिशनरियों ने जब पूरे यूरोप पर अपना माया जाल बिछा लिया. तब पादरियों ने कॉन्वेंट आश्रम की स्थापना की, जहां लड़कियों को नन बनाकर आसानी से यौन शोषण कर सकें !


राजाओं, ज़मींदारों, साहूकार और रसूकदार लोगों के धन से चर्च ने पूरे यूरोप में हज़ारों लाखों कॉन्वेंट आश्रम का निर्माण किया !


नन कौन बनता.


गरीब घर की लड़कियों पर दबाव डालकर नन बनाया जाता. कुछ ईश्वर की श्रद्धा भक्ति में नन बनती. और अगर किसी गाँव में 12 से 16 वर्ष के बीच सुंदर लड़की होती तो उस लड़की को नन बनाने के लिए पादरी, बिशप, ज़मींदार, सामंत एड़ी चोटी एक कर देते !


सुंदर लड़की को नन बनाकर जो व्यक्ति चर्च को अधिक दान देता वही रसूकदार व्यक्ति उस मासूम बच्ची का बलात्कार करता. धर्म के नाम पर कॉन्वेंट आश्रम में ननों से बलात्कार होता जिसकी चीख वेटिकन सिटी तक जाती लेकिन हमाम में सब नंगे थे !


गर्भवती होने के बाद नन का गर्भपात करा दिया जाता, नवजात शिशु की लाश को कॉन्वेंट में बने कुएं में फेंक देते. या गर्भपात नही होता तो गर्भवती नन को कुएं में दखेल देते !


इतिहास की इतनी खुदाई के बाद स्वर्ग के फरिश्तों ने मुझे बहुत गालियां दी. मैंने कहा रुके तुम फरिश्तों का भी इतिहास खोदकर निकालता हूँ, इतना सुनते ही सारे फरिश्ते अपनी दुम दबाकर भाग गए !


पोस्ट पढ़ने के बाद आप लोगों को देवदासी प्रथा की याद आ गयी होगी ?


मित्रों इतिहास खोद खोदकर मैं थक गया हूँ, कल किसी और विषय पर इतिहास की खुदाई करेंगे. 

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